एटा, जून 18 -- मथुरा। योगीराज भगवान श्रीकृष्ण के अग्रज ठाकुर श्री दाऊजी महाराज की जन्मस्थली बलदेव के ऐतिहासिक व पौराणिक महत्व का क्षीर सागर कुंड अव्यवस्थाओं से घिरा हुआ है। क्षीर सागर की परिक्रमा काफी छोटी है। मंदिर में आने वाले भक्त बच्चों का मुंडन कराने वाले इस कुंड पर आते हैं। साथ ही आचमन लेकर भक्ति भाव से स्नान कर रहे हैं। ऐसी मान्यता है कि ब्रज चौरासी कोस की परिक्रमा के बाद अगर दाऊजी महाराज के दर्शन न किए तो ब्रज भ्रमण पूरा नहीं माना जाता है। ब्रज के कण-कण में जहां श्रीकृष्ण का वास है, वहीं दाऊजी की भी विशेष कृपा भक्तों पर बरसती है। मथुरा में यह वल्लभ सम्प्रदाय का बहुत प्राचीन मंदिर है। मंदिर के चारों ओर सर्प की कुंडली की तरह परिक्रमा मार्ग में एक पूर्ण पल्लवित बाजार है। मंदिर के पीछे एक विशाल कुंड भी है, जो बलभद्र कुंड के नाम से जान...
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