मथुरा, नवम्बर 19 -- गणेशरा का गंधर्व कुंड न केवल गांव की पहचान है, बल्कि मथुरा की प्राचीन जल संरचनाओं में भी इसका महत्वपूर्ण स्थान रहा है। सैकड़ों वर्ष पुराने इस कुंड का निर्माण पुरातन समय में जल संरक्षण के लिए किया गया था। इसके जल से क्षेत्र में कृषि, पशुपालन एवं ग्रामीण जीवन लंबे समय तक निर्भर रहा है। समय-समय पर स्थानीय शासक एवं ग्राम समाज ने इसके सौंदर्यीकरण एवं संरक्षण के कार्य भी कराए थे। धार्मिक अवसर, त्योहारों एवं ब्रज चौरासी कोस परिक्रमा में भी यह कुंड श्रद्धालुओं के लिए आस्था का केन्द्र रहता है। यह कुंड धार्मिक आयोजनों का केंद्र भी रहा। आज कुंड की हालत आज बेहद चिंताजनक है। इसका सौंदर्यीकरण एवं संरक्षण कार्य वर्ष 2010 से ठप पड़ा हुआ है। कुंड के चारों ओर गंदगी, कचरे के ढेर जमा हैं। इसके साथ ही तालाब में कुमुदनी के पौधे उग चुके हैं। इ...
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