भागलपुर, नवम्बर 28 -- गोराडीह प्रखंड के तरछा पंचायत अंतर्गत दामूचक गांव आज भी बुनियादी सुविधाओं से वंचित है। लगभग 350 परिवार वाले इस गांव की मुख्य आजीविका खेती है। ग्रामीणों का कहना है कि देश डिजिटल हो गया, लेकिन हमारा गांव आज भी विकास से कोसों दूर है। ग्रामीणों ने बताया कि दामूचक गांव में एक भी विद्यालय नहीं है। पहले पंचायत भवन में अस्थायी रूप से विद्यालय चलता था, लेकिन 2014 के बाद विद्यालय को दूसरे गांव में शिफ्ट कर दिया गया, जिसके कारण बच्चों को दूर पढ़ने जाना पड़ता है। इसका सबसे ज्यादा असर गांव की लड़कियों की शिक्षा पर पड़ रहा है। गोराडीह प्रखंड के दामूचक के ग्रामीणों ने गांव में प्राथमिक विद्यालय खोलने की मांग की है। ग्रामीणों ने कहा कि गांव में प्राथमिक विद्यालय नहीं होने से खासकर लड़कियों की पढ़ाई छूट जाती है। लड़के तो किसी तरह दूस...
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