बोकारो, अप्रैल 15 -- हैसाबातू पूर्वी पंचायत का हिस्सा राजेद्र नगर है। यहां लोगों के करीब 1200 से अधिक घर हैं। लेकिन, राजेंद्र नगर तक आने वाले वाली मुख्य सड़क जर्जर है। इस कारण लोग लंबी दूरी तय कर मंजिल तक पहुंचते हैं। राजेंद्र नगर के लोग नालियों के अभाव में परेशानी झेलने को विवश हैं। पंचायत द्वारा जोरिया से नाली शुरू होकर करीब 200 मीटर की दूरी पर खत्म हो गई है। राजेंद्र नगर के एक ओर जहां गरगा नदी है। वहीं, दूसरी ओर एक जोरिया है। पंचायत में होने के बाद भी यहां के लोगों को शहरी बिजली बिल चुकाना पड़ता है, जबकि पंचायत के बाकि क्षेत्र के लोगों को ग्रामीण बिल भुगतान करना होता है। स्ट्रीट लाइट का अभाव है। गलियां और सड़कों पर अंधेरा रहता है। पुलिस पेट्रोलिंग सही नहीं होती है। जिस कारण चोरी व छिनताई की घटनाएं होती रहती हैं। टावर लाइट की व्यवस्था क...
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