प्रतापगढ़ - कुंडा, जुलाई 21 -- विकास खंड बाबा बेलखरनाथ धाम के गोईं गांव में सई नदी के तट पर स्थित पलियननाथ धाम स्थित शिवलिंग के हजारों वर्ष पुराने होने की चर्चा बुजुर्ग करते थे लेकिन करीब दो वर्ष पहले पुरातत्व खोजी साहित्यकार निर्झर प्रतापगढ़ी ने मंदिर पर मौजूद साक्ष्यों के आधार पर यह दावा किया कि शिवलिंग गुप्तकालीन है। उन्होंने मंदिर का कुछ अवशेष जांच के लिए पुरातत्व विभाग को भी भेजे हैं। हालांकि, इस मंदिर से जुड़े आस्थावानों को इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि मंदिर कितना पुराना है। श्रद्धालुओं को इस बात का भरोसा है कि भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक कर जो भी मनौती मांगी जाती हैं वह पूरी होती हैं। पलियननाथ धाम पर वैसे तो हर सप्ताह शनिवार और सोमवार को जलाभिषेक करने के लिए श्रद्धालु जुटते हैं लेकिन सावन, अधिमास और शिवरात्रि पर यहां मेला लगता है।...
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