बुलंदशहर, मई 15 -- एक जिला एक उत्पाद में चयनित खुर्जा की पॉटरी इकाइयों से निकलने वाले वेस्ट मटेरियल के लिए कोई खास प्रबंध नहीं हैं। यहां पर डंपिंग यार्ड नहीं होने से उद्यमी काफी परेशान हैं। उद्यमी लगातार डंपिंग यार्ड बनवाने की मांग कर रहे हैं। डंपिंग यार्ड बनने पर दोबारा उत्पाद बनाने के लिए वेस्ट मटेरियल का प्रयोग किया जा सकता है। यहां के उद्यमियों की शासन प्रशासन से यही मुख्य मांग है। पॉटरी नगरी के नाम से विख्यात खुर्जा में करीब 400 से अधिक पॉटरी इकाइयां हैं। जिसमें करीब 225 पॉटरी इकाइयां खुर्जा पॉटरी मैन्यूफैक्चर्स एसोसिएशन में रजिस्टर्ड हैं। इन पॉटरी इकाइयों में कप-प्लेट, गमले, डिनर-सेट, टी-सेट सजावटी उत्पाद और खिलौने बनते हैं। करीब दो लाख से अधिक पॉटरी उत्पाद प्रतिदिन यहां पर बनते हैं। जिनमें से कई पॉटरी उत्पादों की टूट-फूट हो जाती है...
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