बुलंदशहर, जनवरी 24 -- बिजली आपूर्ति की रीढ़ कहे जाने वाले ट्रांसफार्मर इन दिनों जानलेवा साबित हो रहे हैं। शहर से लेकर गांव तक खुले में रखे ट्रांसफार्मर हादसों को दावत दे रहे हैं। कई जगह इन्हें रखने के लिए चबूतरा तक नहीं बनाया गया है। बिना फेंसिंग के रखे ट्रांसफार्मर आम लोगों के लिए सिरदर्द बन गए हैं। जहां कहीं पर ट्रांसफार्मर की फेंसिंग की गई है, वह भी सिर्फ खानापूरी तक सीमित है। ट्रांसफार्मरों को लेकर कई बार शिकायत की गई लेकिन प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। हालांकि विभाग का दावा है कि खुले में रखे ट्रांसफार्मरों की सुरक्षा दुरुस्त की जा रही है। तार फेंसिंग के अलावा प्लिंथ (चबूतरा) बनवाया जा रहा है। यह काम प्राथमिकता पर कराया जा रहा है। लेकिन जमीनी हकीकत इसकी बिल्कुल अलग है। खुले में रखे इन ट्रांसफार्मर और जर्जर तारों से बारिश में और भी खतरा ब...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.