बुलंदशहर, जून 6 -- बुलंदशहर के किसान खाद-बीज की किल्लत से परेशान हैं। उर्वरक की उपलब्धता है, लेकिन उसे महंगे दामों पर बेचा जा रहा है। फसलों की सिंचाई के लिए कभी नहर तो कभी ट्यूबवेल से पानी नहीं मिलता है। फसल खेत में खड़ी है तो छुट्टा पशुओं से बचाने के लिए रातभर जागना किसानों की मजबूरी बन चुका है। ऐसे में किसानों ने सरकार से मांग की है कि उन्हें समय पर खाद और बीज उपलब्ध हो जाएगा, तो उनकी सारी दिक्कतों का अपने आप समाधान हो जाएगा। बुलंदशहर जिले की कुल आबादी करीब 35 लाख से अधिक है, जिनमें से ज्यादातर लोग किसान या किसानी के काम से जुड़े हैं। यहां गेहूं और चावल तो पैदा होता ही है। इसके अलावा सीजनल मक्का, बाजरा के साथ-साथ बड़े स्तर पर यहां आम का उत्पादन भी किया जाता है। जबकि गन्ना जैसी फसलें भी बड़े रकबे में पैदा की जाती हैं। करीब एक लाख से अधिक...
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