बुलंदशहर, नवम्बर 22 -- जिले के नरौरा क्षेत्र में गंगा नदी की कल-कल बहती पवित्र जलधारा के किनारे रमणीक, शांत और मनोहारी वातावरण में स्थित धार्मिक पर्यटन की तमाम संभावनाएं हैं। आसपास का क्षेत्र विशेष रूप से पौराणिक है। लेकिन यहां पर्यटकों के ठहरने की कोई उचित व्यवस्था नहीं है। पर्यटकों को ठहरने के लिए तमाम समस्याओं का सामना करना पड़ता है। कई बार स्थानीय लोगों की शिकायतों के बावजूद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है। जिम्मेदारों का भी इस ओर कोई ध्यान नहीं है। स्थानीय लोगों ने समस्याओं के समाधान की मांग की है। नरौरा क्षेत्र के गंगा की तलहटी में आध्यात्मिक चिंतन कर देश विदेशों में सनातन धर्म की पताका लहराने वाले प्रसिद्ध संत धर्म सम्राट करपात्री जी महाराज, जीवनदत्त जी महाराज, संत विष्णुआश्रमजी महाराज, संत उड़िया बाबा जी महाराज और स्वामी अखंडानंद महा...