बिहारशरीफ, अक्टूबर 23 -- बोले योजनाएं मिलीं, पर सोच बदले तभी मिलेगा बराबरी का हक़ बेटियों को चाहिए सुरक्षा, सम्मान और अवसरों में सच्ची हिस्सेदारी बिहारशरीफ, हमारे संवाददाता। बिहार में महिला सशक्तीकरण की तस्वीर योजनाओं की सफलता के आंकड़ों और जमीनी हकीकत के बीच बंटी हुई है। साइकिल योजना ने लड़कियों को स्कूल तक पहुँचाया, आरक्षण ने उन्हें पंचायतों और नौकरियों में कुर्सी दी और जीविका ने उन्हें आर्थिक रूप से संगठित किया। लेकिन क्या इससे समाज की वह पितृसत्तात्मक सोच बदली है जो आज भी बेटियों को बेटों से कमतर आंकती है। हिन्दुस्तान के संवाद में जब शहर की बेटियों ने इस सवाल का जवाब खोजा, तो उनकी आवाज़ में योजनाओं के लिए धन्यवाद के साथ-साथ कई अधूरे सपनों का दर्द भी था। युवतियों ने एक स्वर में माना कि सरकारी योजनाओं ने उन्हें घर की देहरी लांघने का हौसला त...
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