बिजनौर, मई 18 -- विकास की गंगा बहाकर प्रधान गांवों की सूरत बदल रहे हैं। गांवों में जहां बुजुर्गो के लिए पार्क बनवाए तो वहीं सरकारी स्कूलों का कायाकल्प कराया। गांव में विकास के नाम पर 24 घंटे तत्पर रहने वाले ग्राम प्रधान भी समस्याओं के मकड़जाल में फंसे हैं। सबसे ज्यादा दिक्कत प्रधानों को अपने खिलाफ होने वाली झूठी शिकायतों से होती है। उनका कहना है कि ऐसी शिकायतों की समय रहते जांच होनी चाहिए और कार्रवाई होनी चाहिए। वहीं ब्लाकों में प्रधानों के लिए बैठने का स्थान होना चाहिए। प्रधानों के ऊपर लगने वाले फर्जी मुकदमों का समय से समाधान हो। जिले में 1123 ग्राम पंचायत है। जिले में 1123 ग्राम प्रधान गांवों में विकास कराने को प्राथमिकता देते हैं। जिले के प्रधान भी एक नहीं अनेक समस्याओं में फंसे हैं। प्रधानों को समस्याओं का अंत होते नजर नहीं आ रहा है। स...
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