बिजनौर, मार्च 4 -- रोडवेज की इनकम, एवरेज और किमी की तलवार संविदा, आउटसोर्सिंग चालक परिचालकों को हर माह वेतन कटौती का जख्म दे रही है। जख्म भी ऐसा जिसका इलाज निगम के अधिकारी भी नहीं करते है। बहुत कम वेतन में काम करने वाले संविदा, आउटसोर्सिंग चालक-परिचालक वेतन कटौती आर्थिक सकंट में डूब रहे हैं। इनके सामने समस्याओं के तालाब से उभरने का कोई रास्ता नहीं दिखाई दे रहा है। रूट पर सवारियां कम मिले, बस एवरेज कम दे या छोटी-मोटी मरम्मत हो इसकी मार संविदा, आउटसोर्सिंग चालक-परिचालक को पड़ती है। कम मानदेय के बावजूद हर माह वेतन कटौती का गम लिए समस्याओं से लड़ते हुए संविदा, आउटसोर्सिंग चालक-परिचालक रोजाना नए सफर के लिए निकल पड़ते हैं। घर से निकले मुसाफिरों को उनकी मंजिल तक पहुंचाने वाले संविदा, आउटसोर्सिंग चालक-परिचालकों खुद समस्याओं व मुश्किलों के सफर में चल...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.