बिजनौर, जुलाई 1 -- ताजपुर की खलिया नदी कभी जीवनदायिनी जलधारा मानी जाती थी। इसी से बरसात में गांव का पानी भी निकल जाता था। जिले की सबसे बड़ी ग्राम पंचायत है ताजपुर। आज खलिया नदी की बदहाली का दंश झेल रही है। यह नदी अब गंदगी, अतिक्रमण और प्रशासनिक उपेक्षा का प्रतीक बन चुकी है। बरसात आते ही यही खलिया नदी विकराल रूप लेकर बस्ती में तबाही लाती है। खलिया नदी की मार से हजारों लोग प्रतिवर्ष प्रभावित होते हैं। काफी परिवारों को अपने बच्चों के साथ सुरक्षित स्थानों पर पहुंचने को मजबूर होना पड़ता है। हर साल जलभराव, बीमारी और पलायन की त्रासदी झेलने वाले ताजपुरवासी अब स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं। ताजपुर के लोग सपना देख रहे हैं कि कब इस समस्या का समाधान होगा और ग्रामीणों को राहत मिलेगी। राजस्व अभिलेखों में खलिया नदी को 25 अलग अलग खसरा संख्या में दर्ज कि...
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