बाराबंकी, फरवरी 13 -- ग्रामीण क्षेत्रों में खुले में लगने वाली दुकानों को एक व्यवस्थित और सुरक्षित स्थान उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सरकार द्वारा सरस हाट का निर्माण कराया गया था। इन हाटों का मकसद था कि छोटे दुकानदारों, स्वयं सहायता समूहों और ग्रामीण व्यापारियों को एक ही छत के नीचे कारोबार करने का अवसर मिले। लेकिन देखरेख और रख-रखाव के अभाव में कई पंचायतों में सरस हाट अपनी पहचान खोते नजर आ रहे हैं। कहीं सरस हाट में ताले लटके हैं, तो कहीं भवन जर्जर हालत में पहुंच चुके हैं। कई स्थानों पर न तो बिजली की व्यवस्था है और न ही साफ-सफाई, जिससे दुकानदार वहां बैठने से कतराते हैं। नतीजतन दुकानदार फिर से सड़कों और खुले स्थानों पर दुकान लगाने को मजबूर हैं, जिससे अव्यवस्था और जाम की समस्या भी बढ़ रही है। पेश है बोले हिन्दुस्तान की टीम रिपोर्ट... बाराबंकी। ग...
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