बाराबंकी, दिसम्बर 15 -- प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत योजना और मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना ने गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों के लिए इलाज के दरवाज़े खोल दिए हैं। इन योजनाओं के तहत लाखों परिवारों को हर साल पांच लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज मिल रहा है। गंभीर बीमारी, ऑपरेशन और महंगे इलाज में यह योजनाएं किसी संजीवनी से कम नहीं हैं। लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि इन योजनाओं का लाभ उठाने में लोगों को कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कई बार अस्पतालों में मरीजों को यह कहकर लौटा दिया जाता है कि पोर्टल नहीं चल रहा, कहीं कार्ड न बना होने की बात कही जाती है, तो कहीं इलाज के नाम पर अतिरिक्त पैसे की मांग की जाती है। ग्रामीण इलाकों में सबसे बड़ी समस्या जानकारी की कमी है। बहुत से पात्र लाभार्थियों को आज भी यह नहीं पता कि वे इस योजना के तहत मुफ्त इलाज क...