बाराबंकी, जुलाई 15 -- जिले में तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में राजकीय पॉलिटेक्निक और निजी पॉलिटेक्निक कॉलेजों की भूमिका लगातार चर्चा में है। एक ओर जहां निजी पॉलिटेक्निक कॉलेज आधुनिक सुविधाओं और कॉर्पोरेट सहयोग से सुसज्जित हैं, वहीं राजकीय पॉलिटेक्निक संसाधनों की कमी के बावजूद बड़ी संख्या में छात्रों की पहली पसंद बना हुआ है। राजकीय पॉलिटेक्निक से पासआउट छात्र-छात्राओं को प्लेसमेंट के सीमित अवसर मिलते हैं। जिले में करीब जो निजी पॉलिटेक्निक संस्थान हैं वह आधुनिक लैब, स्मार्ट क्लास, कैंटीन, नियमित प्लेसमेंट ड्राइव और कोचिंग जैसी अतिरिक्त सुविधाएं उपलब्ध कराते हैं। लेकिन इनकी फीस इतनी अधिक होती है कि गरीब और ग्रामीण पृष्ठभूमि के छात्र वहां नहीं जा पाते। यदि राज्य सरकार राजकीय को भी निजी संस्थानों की तरह आधुनिक बनाए, तो यह जिले के हजारों युवाओं के ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.