बाराबंकी, अगस्त 11 -- बरसात का मौसम आते ही जनपद के ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्रों में आवागमन सबसे बड़ी चुनौती बन जाता है। खासतौर पर जर्जर पुलों और पुलियों की स्थिति इतनी खतरनाक हो चुकी है कि किसी भी वक्त बड़ा हादसा हो सकता है। जिले भर में ऐसे 50 से अधिक स्थानों पर पुल या पुलिया की हालत खराब है लेकिन मरम्मत या सुरक्षात्मक उपायों पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा। लोक निर्माण विभाग और ग्रामीण अभियंत्रण सेवा विभाग के अंतर्गत कई पुल-पुलियों की मरम्मत प्रस्तावित है, लेकिन टेंडर प्रक्रिया और बजट पास न होने के कारण काम अधर में लटका हुआ है। कई जगहों पर आंशिक मरम्मत कर खानापूरी की जाती है, जिससे समस्या जस की तस बनी रहती है। जिले में जर्जर पुल और पुलिया लोगों की जान के दुश्मन बन चुके हैं। कहीं बाड़ नहीं, कहीं सड़कें कटी हुई, कहीं गड्ढे और कहीं संकेतक तक नहीं।...
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