बाराबंकी, जुलाई 19 -- रामनगर, रामसनेहीघाट और सिरौलीगौसपुर तहसील के नदी किनारे बसे गांवों में हर साल सरयू, घाघरा और उनकी सहायक नदियों के तेज बहाव के चलते कटान की भयावह त्रासदी देखी जाती है। हर साल करीब 50 से अधिक गांव कटान की चपेट में आते हैं, जिनमें दर्जनों परिवारों के घर, खेत और मवेशियों के बाड़े बह जाते हैं। बारिश का मौसम है, और जिले में बाढ़ का खतरा फिर सिर उठाने लगा है। बीते 15 दिन से नदी के जलस्तर में हो रहे उतार चढ़ाव से कटान जारी है। नदी के उफान पर आने से जिले की रामसनेहीघाट, सिरौलीगौसपुर और रामनगर तहसील के सैकड़ों गांव प्रभावित होते हैं। बाराबंकी। बरसात का मौसम ग्रामीण इलाकों में उम्मीद के साथ ही आफत भी लेकर आता है। जिले के रामनगर और सिरौलीगौसपुर तहसील क्षेत्र नदियों की कटान और बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित होते हैं। यहां की ग्रामीण आबा...
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