बाराबंकी, जनवरी 15 -- देश-विदेश में अपनी सूफी परंपरा और भाईचारे की मिसाल कायम करने वाली सूफी संत हाजी वारिस अली शाह बाबा की दरगाह देवा में रोजाना सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु ज़ियारत के लिए पहुंचते हैं। लेकिन आस्था के इस बड़े केंद्र पर व्यवस्थाओं की बदहाली श्रद्धालुओं की परेशानी बढ़ा रही है। दरगाह परिसर के आसपास टूटी फर्श, गड्ढेदार रास्ते और अतिक्रमण जैसी समस्याएं आम हो गई हैं। कई स्थानों पर फर्श टूटने से बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को चलने में भारी दिक्कत का सामना करना पड़ता है। बरसात के मौसम में हालात और भी बदतर हो जाते हैं, जब कीचड़ और फिसलन से दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। दरगाह मार्गों पर दुकानों और ठेलों द्वारा किए गए अवैध अतिक्रमण के कारण श्रद्धालुओं की आवाजाही बाधित होती है। भीड़ के समय स्थिति और गंभीर हो जाती है, जिससे अफरा-तफरी क...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.