बाराबंकी, जनवरी 5 -- अस्पताल में इलाज कराने आने वाले मरीजों के लिए डॉक्टर के साथ-साथ नर्स की भूमिका सबसे अहम मानी जाती है। डॉक्टर के परामर्श को ज़मीनी स्तर पर लागू करने से लेकर मरीज की दिन-रात देखभाल तक की पूरी जिम्मेदारी नर्सों के कंधों पर होती है। इसके बावजूद अस्पतालों में दिन-रात सेवा दे रही नर्सें आज खुद कई गंभीर समस्याओं से जूझ रही हैं। सूत्रों के अनुसार, अधिकांश सरकारी व निजी अस्पतालों में नर्सों से काम का बोझ लगातार बढ़ता जा रहा है, लेकिन उसके अनुपात में न तो सुविधाएं बढ़ाई गई हैं और न ही संसाधन। कई अस्पतालों में एक या दो नर्स पर जरूरत से ज्यादा मरीजों की जिम्मेदारी डाल दी जाती है, जिससे न केवल नर्सों पर मानसिक और शारीरिक दबाव बढ़ता है बल्कि मरीजों की देखभाल भी प्रभावित होती है। नर्सों का कहना है कि उन्हें लंबी शिफ्ट, स्टाफ की कमी, आर...
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