बाराबंकी, मई 6 -- बाराबंकी। अंतरराष्ट्रीय बस अड्डा होने के बावजूद यह लंबी दूरी की बसों के लिए महज एक औपचारिकता बनकर रह गया है। बसें सीधे शहर में दाखिल ही नहीं होतीं, जिससे यात्रियों को कनेक्टिविटी का संकट झेलना पड़ता है। इस पूरे अव्यवस्था के लिए परिवहन विभाग की लापरवाही और स्थानीय प्रशासन की उदासीनता सबसे बड़ी वजह मानी जा रही है। विभाग न तो नियमित मॉनिटरिंग करता है, न ही बस चालकों पर कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाती है। यात्रियों की मांग है कि या तो बस अड्डों पर अनिवार्य रूप से बसों की एंट्री सुनिश्चित की जाए या फिर बस स्टॉप की संख्या और संरचना में सुधार किया जाए ताकि सड़क पर जान जोखिम में डालकर बस पकड़ने की मजबूरी खत्म हो सके। अब देखने वाली बात यह होगी कि जिम्मेदार अधिकारी इस अव्यवस्था को सुधारने के लिए कब कदम उठाते हैं। आम जनता को राहत दिल...
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