बांदा, फरवरी 15 -- बांदा। आज लगभग हर हाथ में एंड्रॉयड मोबाइल फोन है। पल भर में गूगल पर किसी भी विषय से जुड़ी जानकारी हर कोई प्राप्त कर सकता हैं,पर अध्ययनरत प्रतियोगी छात्र-छात्राएं गूगल पर खोजने की अपेक्षा किताबों पर आज भी अटूट भरोसा करते हैं। ऐसे छात्र-छात्राओं के लिए शहर में जीआईसी के ठीक बगल में राजकीय पुस्तकालय है। यहां करीब 37 हजार पुस्तकें अलग-अलग विषयों की हैं। कमी है तो प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़ी और नए सत्र की पुस्तकों की। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में जुटे छात्र-छात्राओं ने आपके अपने अखबार 'हिन्दुस्तान से साफ कहा कि लाइब्रेरी की पुरानी किताबों से कैसे जीतें हम आज की लड़ाई। प्रतियोगी छात्र अमित और आराधना का कहना है कि शहरी क्षेत्र में 20 से अधिक पुस्तकालय हैं। इनमें एक राजकीय है, जहां महज 20 रुपये प्रतिमाह पंजीयन शुल्क जमाकर छा...
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