बहराइच, जनवरी 3 -- देश में 1947 के बाद प्रांतीय रक्षक दल की स्थापना हुई। जिसमें नेताजी सुभाष चंद्र बोस की आजाद हिंद फौज के तमाम पूर्व सैनिकों ने स्वयं सेवक के रूप में आंतरिक सुरक्षा में मदद व देश प्रेम की भावना जगाने का बीणा उठाया। 1950 में इसने प्रांतीय रक्षक दल का स्वरूप लिया। 1971 में प्रांतीय विकास दल यानि कल्याणकारी कार्यक्रमों से इसे जोड़ा गया। 1982 में इसे युवा कल्याण निदेशालय में लाया गया। ये स्वयं सेवक होमगार्ड की तरह ही सुरक्षा, यातायात व्यवस्था में सहायक बने रहे। होमगार्ड का गठन इसके बाद होने के बावजूद इसकी संरचना में बदलाव आते गए। सैनिक संरचना की तरह गठित इस स्वयं सेवी संगठन के पीआरडी जवान पूर्णतया अवैतनिक है। ड्यूटी मिलने पर ही इन्हें मानदेय मिलता है। इनके मानदेय में कोई विशेष बढ़ोत्तरी नहीं हुई। हालांकि पीआरडी से जुड़े स्वयं...
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