बस्ती, मई 5 -- Basti News : प्रकृति को सुंदर व मनोरम बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले पक्षियों के जीवन पर संकट पैदा होता जा रहा है। कभी सुबह की नींद पक्षियों की चहचहाट से खुलती थी पर अब ऐसा समय आ गया है कि उनकी आवाज सुनने के लिए कान तरस रहे हैं। शहर और आसपास इक्का-दुक्का पक्षी भी ढूंढने के लिए मशक्कत करनी पड़ती है। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में भी पक्षियों के रहने का गंभीर संकट पैदा हो गया है। आज से 30 वर्ष पहले जो पक्षी दिखते थे, अब वे गांव में देखने को नहीं मिल रहे हैं। इन्हीं हालातों पर 'हिन्दुस्तान से बातचीत में पक्षी-प्रेमियों ने समस्याएं साझा करते हुए समाधान की अपेक्षा की। मानव जीवन चक्र को सुचारु रूप से संचालित करने के लिए प्रकृति ने पक्षियों को उनका सहयोगी बनाया था। नुकसानदायक कीटों को नष्ट कर मानव जीवन को सुरक्षित रखने का जिम...
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