बस्ती, मार्च 19 -- Basti News : बस्ती में नार्मल स्कूल के पीछे तुरकहिया मोची टोला है। इस टोले में लगभग 100 परिवार हैं। तकरीबन 1200 लोग यहां निवास करते हैं । यहां के बाशिंदे पीढ़ी दर पीढ़ी मोची का कार्य करतेे आ रहे हैं। अब यहां के लोग इस पेशे से दूरी बनाने लगे हैं। इस पेशे में शामिल लोगों की संख्या दिन-प्रतिदिन घटती जा रही है। फटे जूते-टूटी चप्पलें व सैंडल बनाना तथा पॉलिश करना इनका काम है। जूता-चप्पल बनाने के तमाम करखाने खुल जाने से मोची का काम तेजी से घट रहा है। युवाओं में तो इसे लेकर रुचि ही नहीं है। बड़े-बुजुर्ग ही यह काम कर रहे हैं। इसकी वजह भी है। दूसरों के पैरों को ठोकरों से बचाने के लिए पसीना बहाने वाले मोचियों की गृहस्थी की राह कांटों से भरी है। 'हिन्दुस्तान' से बातचीत में मोची का कार्य करने वालों ने अपना दर्द साझा किया। मोची का काम क...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.