बलिया, मई 14 -- महाराणा प्रताप, छत्रपति शिवाजी और महारानी लक्ष्मीबाई के देश में बलिदानी परंपरा का निरंतर प्रवाह जारी है। यह 'ऑपरेशन सिंदूर और उसके बाद पैदा हुए हालात में देश ने बखूबी महसूस किया है। उन हालात में देश के आम नागरिकों को जब जागरूक करने की बात आई तो सिविल डिफेंस के साथ नेशनल कैडेट्स कोर (एनसीसी) का नाम हर एक की जुबान पर था। सैन्य प्रशिक्षण में तपे एनसीसी कैडेटों का कहना है, परिस्थितियां सामान्य नहीं हैं अभी। इसलिए पुकार हुई तो हम सेना की सहायता में पीछे नहीं रहेंगे। देश के बंटवारे के कुछ माह बाद ही पाकिस्तान ने पीठ में छुरा भोंकने की नाकाम कोशिश की थी। भारतीय सेना के जांबाजों ने पाकिस्तान को सबक सिखाया था। उस समय देश ने जरूरत महसूस की और 16 जुलाई 1948 में एनसीसी की स्थापना हुई। इसका गठन सेना की कमी को दूर करने के लिए हुआ। 1962 ...
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