बरेली, अप्रैल 9 -- शहर के पुराने बाजारों में शुमार किला बाजार के व्यापारी आज भी तंग गलियों में मूलभूत सुविधाओं की उम्मीद लगाए बैठे हैं। सात सौ से अधिक दुकानों वाले इस बाजार में गल्ला-किराना, कास्मेटिक, बर्तन, सर्राफा, दवा, स्टेशनरी, हलवाई, हार्डवेयर, कपड़ा, दुपट्टा, दर्जी, बैग, बैंडबाजा, खिलौने की दुकानें या फिर यूं कहें कि कोई भी ऐसा सामान नहीं, जो सस्ती दर पर न मिलता हो। यहां पर रोजाना करीब 50 हजार लोगों का आना-जाना होता है। इसमें बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल हैं। हालत यह है कि इस पुराने बाजार में एक भी सार्वजनिक शौचालय नहीं है। एक जो किला थाने में बना भी है उसमें अधिकांश ताला लगा रहता है, खुलता भी है तो गंदगी का अंबार लगा रहता है। पार्किंग भी काफी मांग पर बनाई गई तो आज तक टेंडर न हो पाने के कारण शुरू नहीं हो सकी। जाम लगने के कारण य...
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