फिरोजाबाद, जून 12 -- फिरोजाबाद। सालों से बाल श्रम के खिलाफ अभियान चल रहा है, लेकिन इसके बाद भी फिरोजाबाद में बचपन श्रम की कैद से आजाद नहीं हो सका है। प्रशासन की सख्ती एवं प्रयासों के बाद कारखानों में तो अब बाल श्रम नहीं दिखता है तथा गोदाम पर भी बाल श्रम की संख्या में काफी कमी आई है, लेकिन घरों पर आज भी बचपन काम में जुटा है। ठेकेदारों द्वारा जगह-जगह पर चलाई जाने वाली सिट पर भी यही हालात हैं। 10 से 14 साल के बच्चे भी सिट पर आपको चूड़ी एवं कंगन पर नग लगाते हुए मिल जाएंगे। चाय की दुकान एवं ढाबों पर भी बच्चे काम कर रहे हैं तो शहर मे कई अन्य दुकानों पर भी बच्चों से काम कराया जा रहा है। काम में जुटा बचपन पढ़ाई से दूर हो रहा है तो इनका भविष्य भी अंधकार में जा रहा है। अंतर्राष्ट्रीय बाल श्रम दिवस पर शहर भर में फिर से जागरूकता रैलियां निकलेंगी। जगह-ज...
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