फिरोजाबाद, मार्च 25 -- महिलाएं जिनमें से किसी के पति बीमार हैं तो किसी के पति का निधन हो चुका है। बच्चे छोटे-छोटे हैं। किसी तरह से एक-दो कमरे के मकान में रह कर चूड़ी की जुड़ाई या झलाई कर परिवार चला रही हैं। सुबह से शाम तक काम करने के बाद में महीने में चार से पांच हजार रुपये मिलते हैं। उनका कहना है कि कहां से हाउस टैक्स भरें। इस वक्त इनकी नींद उड़ाई है नगर निगम के टैक्स के नोटिसों ने। दो-दो कमरे के मकान पर दस से 12 हजार रुपये के हाउस टैक्स को देख वे परेशान हैं। जी-तोड़ मेहनत कर बनाए गए मकान पर निगम कर्मचारी सील लगाने की भी धमकी दे देते हैं। महिलाओं का कहना है कि कम से कम मजदूर बाहुल्य क्षेत्रों में तो निगम आमदनी देख गृह कर निर्धारित करे। निगम के टैक्स का मुद्दा पिछले कई दिनों से फिरोजाबाद में हावी है। सियासत भी इस पर गरमा गई है। नेता आवाज उठा ...
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