फर्रुखाबाद कन्नौज, फरवरी 20 -- बन आती है। आपके अपने अखबार 'हिन्दुस्तानसे चर्चा में रोडवेज कर्मचारी संघ के शाखा अध्यक्ष अनूप कटियार कहते हैं कि रोडवेज की ज्यादातर बसें संविदा पर तैनात ड्राइवरों, कंडक्टरों के भरोसे चल रही हैं। उन्हें1.89 रुपया प्रति किलोमीटर के हिसाब से मानदेय दिया जाता है। महंगाई के इस जमाने में यह पर्याप्त नहीं है। साथ काम का भी ज्यादा बोझ है। वह कहते हैं कि मानदेय में भी तमाम तरह की विसंगतियां हैं। न्यूनतम 22 दिन और 5 हजार किलोमीटर की ड्यूटी करनी होती है तब इंसेंटिव के रूप में उन्हें लगभग तीन हजार रुपये मिलते हैं। रोडवेज बस स्टाप के ठीक सामने ही डग्गामार वाहनों की धमा-चौकड़ी रहती है। रोडवेज कर्मियों को डग्गामार वाहनों से भी काफी चुनौती मिल रही है। रोडवेज बस स्टाप से जबरन सवारियां ले जाने पर कर्मचारियों को डग्गामार वाहन मा...
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