फर्रुखाबाद कन्नौज, अप्रैल 29 -- आमिलपुर गांव से कुछ ही दूरी पर कूड़ा प्लांट लगा है। प्लांट से सबसे बड़ी समस्या सही व्यवस्था न होने से है। क्योंकि यदि मशीनें और उपकरण मंगा लिए जाते तो ग्रामीणों को एक बड़ी समस्या से मुक्ति मिल जाती। कूड़ा निस्तारण के लिए कोई आवश्यक इंतजाम न करने का ही नतीजा है कि आस पास के घर यहां जमा कूड़े के ढेर से उठ रही दुर्गंध से इस कदर परेशान हैं कि उनका खाना पीना भी दूभर हो गया है। आपके अपने अखबार 'हिन्दुस्तान से चर्चा के दौरान रामविलास कहने लगे कि हद हो गई है जिम्मेदारों की। एसी कमरे में रहने वालों को हम ग्रामीणों की कोई चिंता नहीं है। हम लोग कैसे दुर्गंध के बीच रह रहे है? खाना पीना भी मुश्किल हो गया है। रामकिशन कहने लगे कि जब घर में रिश्तेदारआते हैं तो शर्मिंदा होना पड़ता है। क्योंकि कूड़े के ढेर से इतनी अधिक दुर्गंध उठती...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.