फतेहपुर, फरवरी 17 -- फतेहपुर। जिले के सौरा-मलवां से औंग क्षेत्र में संचालित 45 फैक्ट्रियों में हजारों कर्मचारी, मजदूर काम करते हैं। इसके बावजूद इस क्षेत्र का विकास ही नहीं हुआ। लघु उद्योग भारती सौरा क्षेत्र के उद्यमी सत्येन्द्र सिंह कहते हैं कि औद्योगिक क्षेत्र से कम से कम एक करोड़ रुपये का राजस्व चार श्रेणी के टैक्स से दिया जाता है। बावजूद इसके औद्योगिक क्षेत्र के उद्यमियों को सुविधाएं नसीब नहीं हैं। हास्यास्पद है कि सौरा के औद्योगिक क्षेत्र में प्रशासन ने पेयजल की व्यवस्था तक नहीं कराई है। स्वच्छ पेयजल के लिए पानी खरीद कर मंगाना पड़ता है। हैंडपंप का पानी पीने लायक ही नहीं है। सरकारी नल तक नहीं लगा है। तरुण कहते हैं मलवां क्षेत्र के सौरा इंडस्ट्रियल एरिया का पानी भी प्रदूषित है। जिसके कारण उद्यमियों को स्वयं ही आरओ लगवाने पड़ते हैं, मजदूरों...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.