गंगापार, नवम्बर 14 -- यमुनापार के तहसील करछना के विकास खंड कौंधियारा अंतर्गत आने वाली ग्रामसभा गौरा और उसका मजरा गिधौरा को अब तक विकास के नाम पर सिर्फ़ आश्वासन मिला है। गांव की सड़कों पर अब डामर नहीं गड्ढे बोलते हैं, और नालियों में पानी नहीं, बल्कि उपेक्षा बहती है। कभी जिला पंचायत निधि से लगभग दस लाख रुपये की लागत से बनी सड़क आज मिट्टी में मिल चुकी है। बरसात के मौसम में रास्ते तालाब बन जाते हैं, जिनसे होकर स्कूली बच्चे, महिलाएं और वृद्ध लोग रोज़ अपनी जान जोखिम में डालकर गुजरते हैं। नाली बनाने के नाम पर सड़क को जेसीबी से खोद दिया गया, जो एक महीने में ही टूटकर दलदल में तब्दील हो गई। ग्रामीणों की शिकायतें महीनों से फाइलों में धूल खा रही हैं, जबकि अधिकारी और प्रधान चुप हैं। विकास के नाम पर निकले लाखों रुपये कहां गए, इसका जवाब किसी के पास नहीं...