गंगापार, मार्च 9 -- सरकार द्वारा आमजनों को अच्छी स्वास्थ्य सेवा के लिए आधुनिक सुविधाओं से लैस अस्पतालों का निर्माण लाखों की लागत से कराया गया है, लेकिन अस्पतालों में डॉक्टरों की उपस्थिति न होने के कारण ग्रामीण क्षेत्र के बीमार लोगों को या तो गांव गांव टहल रहे झोलाछाप डॉक्टरों से इलाज करवाने की मजबूरी है, या फिर महंगे निजी अस्पतालों में जाकर जेब खाली करनी पड़ रही है। जसरा सीएचसी क्षेत्र की घूरपुर पीएचसी पांच वर्ष पूर्व बीकर, देवरिया पहाड़ी पर लाखों की लागत से बनाई गई। पहले यह पीएचसी घूरपुर के एक निजी भवन में चल रही थी। कहने को तो इस अस्पताल में दो डॉक्टर और दो फार्मासिस्ट की नियुक्ति है लेकिन कई माह से एक केवल स्टाफ नर्स ही अस्पताल को संचालित कर रहीं हैं। जसरा सीएचसी से दूर होने वाले गांव भीटा, देवरिया, इरादतगंज, सारीपुर, बीकर, कंजासा, कैन...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.