गंगापार, जुलाई 20 -- मांडा एक तरफ प्रदेश के मुख्यमंत्री का यह निर्देश है कि निर्मित सड़कों की गुणवत्ता की जांच होती रहे और यदि तीन साल के पहले सड़क ध्वस्त होती है, तो संबंधित ठेकेदार व कार्यदायी संस्था के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की जाए, लेकिन मांडा क्षेत्र में निर्मित आम मार्ग तो दूर राजमार्ग भी बनने के दो माह बाद ही पूर्ववत ध्वस्त होकर गड्ढा युक्त हो जाते हैं, जिससे आम लोगों की समस्या ज्यों की त्यों बनी रह जाती है। ब्लॉक की ज्यादातर सड़कें बारिश के पहले ही उखड़ चुकी थीं। यही वजह है कि बारिश में इन सड़कों पर जलजमाव होने राहगीरों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। इस बार महाकुंभ के दौरान भी इस क्षेत्र की सड़कों की मरम्मत नहीं हुई। पिछले दिनों दो दिन लगातार बारिश होने के बाद तो सड़कों की हालत और भी खस्ताहाल हो गई है। ज्यादातर सड़कों पर ज...
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