गंगापार, फरवरी 23 -- पतित पावनी मां गंगा और तमसा के बीच स्थित करछना क्षेत्र के बड़े भू भाग में कई ऐतिहासिक और पौराणिक स्थल मौजूद हैं। यहां वर्षभर में विभिन्न पर्वो पर बड़े मेलों का भी आयोजन किया जाता है। इनमें से कई ऐसे पौराणिक स्थल है जो उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग के मानचित्र में भी अंकित हैं। साथ ही अपने अतीत की विरासत को सहेजते पौराणिक शिव मंदिरों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटती है। अभी तक ऐसे स्थलों का जीर्णोद्धार और अलंकरण न किये जाने से स्थानीय लोगों में भी इसके प्रति नाराजगी है। क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि यदि इन ऐतिहासिक स्थलों का विधिवत अलंकरण कराकर इन्हें सजाया संवारा जाए तो पर्यटकों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बनने के साथ स्थानीय विकास और सरकार के राजस्व में भी बढोत्तरी हो सकती है। इस बार महाकुम्भ को लेकर कुछ माह पूर्व लोगों ...
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