पूर्णिया, मार्च 4 -- पूर्णिया के किसानों ने व्यावसायिक खेती कर कृषि को औद्योगिक दिलाने का पिछले कई दशकों से प्रयास जारी रखा है। 1970 और 80 के दशक तक पूर्णिया की मुख्य व्यावसायिक फसल गन्ना थी। जब बनमनखी चीनी मिल बंद हो गयी तो गन्ना की खेती धीरे-धीरे बंद हो गई। इसके बाद केले की खेती ने काफी ज्यादा जोर पकड़ा। चार दशक बाद जब केले में बीमारी होने लगी तो किसानों ने इससे मुंह मोड़ लिया। किसानों ने केले के विकल्प के रूप में ड्रैगन फ्रूट की खेती शुरू कर दी है। वर्तमान में पूर्णिया जिले में 60 से 70 एकड़ में ड्रैगन फ्रूट की खेती हो रही है। 50 से अधिक परिवार इससे जुड़े हैं। कुछ लोग तो बीटेक करने के बाद इस कार्य से जुड़े हैं। सरकार ने इसके लक्ष्य को बढ़ाने का निर्देश दिया है। ड्रैगन फ्रूट की खेती पर सरकार 50 फीसदी अनुदान भी दे रही है। 60 से 70 एकड़ म...
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