भागलपुर, जून 21 -- प्रस्तुति: सुशील कुमार झा अंग्रेजी हुकूमत काल का बनमनखी बस स्टैंड आज भी अघोषित जगह पर चल रहा है। बस स्टैंड का माकूल जगह नहीं होने और उस जगह कोई यात्री सुविधा नहीं होने के कारण लोगों को काफी परेशानी होती है। इस होकर सहरसा और मधेपुरा से पूर्णिया तथा पटना के लिए बस चलती है। बड़ी संख्या में महिला पुरुष यात्री यहां आते हैं और व्यवस्था के अभाव में धूप एवं बरसात का प्रकोप झेलते रहते हैं। स्थानीय लोग बताते हैं कि रोजाना यहां से 10 हजार यात्री बस की यात्रा करने आते हैं। कम से कम 40 से अधिक बस का रोजाना अंतर्जिला ट्रिप लगता है जिसका प्रयोग बड़ी संख्या में आसपास के यात्री करते हैं। यह बातें हिन्दुस्तान के बोले पूर्णिया संवाद के दौरान लोगों ने कहीं। उन्होंने कहा कि बनमनखी बस स्टैंड वर्षों से उपेक्षित है। शौचालय व यूरिनल तो खोजे नही...
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