भागलपुर, जुलाई 13 -- प्रस्तुति : मुकेश श्रीवास्तव विश्व के सबसे लोकप्रिय खेलों में शामिल फुटबॉल पूर्णिया में संसाधनों के अभाव में दम तोड़ रहा है। न अच्छा मैदान है, न प्रशिक्षक। खिलाड़ियों का कहना है कि यदि सुविधाएं मिले तो वे भी देश-विदेश में नाम रोशन कर सकते हैं। हिन्दुस्तान के साथ संवाद के दौरान उन्होंने कहा-पहले खेल का मैदान दीजिए, फिर देखिए हमारी उड़ान क्या है। सही दिशा और समर्थन मिलने पर कई प्रतिभाएं आगे आ सकती हैं। खिलाड़ियों ने जिला प्रशासन से अपील की कि फुटबॉल को जीवित रखने के लिए उन्हें प्रोत्साहित किया जाए और नियमित अभ्यास के लिए एक उपयुक्त खेल मैदान की व्यवस्था की जाए। जिले के शहरी इलाकों में फुटबॉल खेल का गौरवशाली इतिहास रहा है। आज भी इस खेल को जीवंत बनाए रखने का प्रयास मरियम नगर, झील टोला एवं शरणा टोला जैसे आदिवासी मोहल्लों क...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.