भागलपुर, मई 14 -- विषय: नदी के कछार पर बेबस है जिंदगी प्रस्तुति: सुशांत कुमार रिंकू - 01 दर्जन से अधिक गांव बसे हैं महानंदा नदी के किनारे - 1000 से अधिक चूनामारी गांव की जनसंख्या काफी संकट में - 2018 में पहली बार ग्रामीणों ने आपसी चंदा कर किया था कटावनिरोधक कार्य शिकायत: 1. कटाव से त्रस्त हैं नदी के कछार पर बसे गांव के लोग 2. कटाव को रोकने के आज तक एक बार भी नहीं किया निरोधक कार्य 3. कई एकड़ खेतिहर जमीन कट गयी पर किसी भी प्रकार की आर्थिक सहायता नहीं 4. कटाव पीड़ितों ने दो बार सरकार की अनदेखी करने पर चंदा इकठ्ठा कर किया है कटाव निरोधक कार्य 5. रोशनी आदि की व्यवस्था नहीं होने के कारण रात हो जाती है अंधेरी सुझाव: 1. कटाव रोकने के लिए पर्याप्त व्यवस्था जरूरी 2. कछार पर बसे कटावग्रस्त गांव में रोशनी की हो व्यवस्था। 3. सरकार कटाव पीड़ितों की करे...
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