भागलपुर, जून 17 -- प्रस्तुति: मुकेश, केके पप्पू, महानंद महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) को सरकार ने ग्रामीण गरीबों के लिए रोज़गार की गारंटी और आर्थिक संबल के उद्देश्य से लागू किया गया था। इसका मकसद था कि गांव के मजदूरों को गांव में ही काम देकर उन्हें पलायन से रोका जा सके। मनरेगा मजदूरों को आज भी तमाम समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। पूर्णिया में मनरेगा योजना अंतर्गत कुल जॉब कार्ड कार्डधारियों की कुल संख्या 05 लाख 07 हजार 133 है, जिसमें सक्रिय जॉब कार्डधारियों की कुल संख्या 02 लाख 52 हजार 358 है। गांव के मजदूरों का सिर्फ इतना कहना है कि सरकार उनके हक की मजदूरी समय पर दे, काम न मिलने पर बेरोजगारी भत्ता दे और काम के दौरान बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराए। यदि ऐसा होता है तो गरीबों का पलायन रुकेगा और गांव की अर्थव्...
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