पिथौरागढ़, मार्च 8 -- धारचूला। चीन सीमा से लगे दारमा वैली के माइग्रेशन गांवों में वन्य जीवों के चलते खेती और अपने घरों को सुरक्षित रखना ग्रामीणों के लिए चुनौती बन गया है। लंगूर जहां खेती को बर्बाद कर ग्रामीणों की मेहनत पर पानी फेर रहे हैं। वहीं भालू बंद दरवाजों को तोड़कर नुकसान पहुंचा रहे हैं। ग्रामीण लगातार प्रशासन से वन्य जीवों के आतंक से निजात दिलाने की गुहार लगा रहे हैं, लेकिन उन्हें राहत नहीं मिल रही है। दारमा वैली में 14 माइग्रेशन गांव सेला, चल, नागलिंग, बालिंग, दुग्तू, सोन,दातू, बोन, फिलम, गो, ढाकर, तिदांग, मार्छा, सीपू आदि हैं। इनमें लोग अप्रैल से अक्तूबर माह के बीच रहकर खेती करते हैं। वर्ष 2016 में सड़क बनने के बाद ग्रामीणों को उम्मीद थी कि माइग्रेशन गांवों में होने वाले उत्पादों को वह बाजार तक आसानी से पहुंचा सकेंगे और अच्छी आमद...
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