पलामू, फरवरी 18 -- मेदिनीनगर से सटे चियांकी गांव स्थित बिरसा कृषि विश्वविद्यालय के क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र में करीब 30 सालों से कैजुअल लेबर के रूप में काम करते आ रहे लगभग 90 मजदूर सेवा नियमित करने की मांग पूरी नहीं होने से मायूस हैं। उन्हें कुशल-अकुशल श्रेणी में भी नहीं बांटा गया है। इसके कारण उन्हें निर्धारित दैनिक मजदूरी भी नहीं मिल पाती है। बीमा, प्रशिक्षण, अन्य भत्ता भी उन्हें नहीं मिलता है। बोले पलामू कार्यक्रम में दैनिक मजदूरों ने कहा कि कमजोर आर्थिक स्थिति के कारण परिवार में भी तनाव रहता है। मेदिनीनगर। पिछले 30 सालों चियांकी स्थित क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र में दैनिक मजदूर के रूप में काम करते आ रहे मजदूर सेवा नियमित करने की मांग पूरा नहीं होने से क्षुब्ध रहते हैं। सेवा नियमित किए जाने के लिए वे आधार न बना पाएं इसलिए उन्हें साल भर ...
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