पटना, फरवरी 24 -- राजधानी के हर मोहल्ले में बिजली या इलेक्ट्रॉनिक्स उपकरणों की मरम्मत करने वाले मैकेनिक या मिस्त्री रहते हैं। उनकी आय का कोई स्थायी स्रोत नहीं होता है। वे हर रोज कमाई की उम्मीद लिये घर से निकलते हैं। हाल के वर्षों में बाजार के स्वरूप में आए बदलाव और बदली जीवन शैली ने उनके धंधे को प्रभावित किया है। आज 'बोले पटना अभियान में पढ़िए बिजली मैकेनिक और बिजली उपकरणों के विक्रेताओं की जिंदगी से जुड़ी समस्याओं के बारे में। अब भी आपके घर या फ्लैट में बिजली से जुड़ी कोई समस्या होती है तो आप बिजली मिस्त्री को ढूंढ़ते हैं। उनसे अपेक्षा होती है कि वे यथाशीघ्र पहुंचें और खराबी को दूर कर दें। काम समाप्त हो जाने पर फिर उनकी तभी याद आती है जब फिर से घर का कोई उपकरण खराब हो या कोई अन्य खराबी दूर करनी हो। बिजली मैकेनिक की कठिन जिंदगी की फिक्र शायद ...
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