पटना, सितम्बर 11 -- छात्र संघ संसदीय राजनीति की पहली सीढ़ी होती है, जो विद्यार्थियों को नेतृत्व और भागीदारी की सीख देती है। साथ ही यह एक ऐसा वैध मंच होता है, जिसके जरिए विद्यार्थी अपनी आवाज विश्वविद्यालय प्रशासन तक पहुंचाते हैं। पटना स्थित पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय (पीपीयू) की स्थापना को सात वर्ष हो चुके हैं। लेकिन अभी तक यहां छात्रसंघ का चुनाव नहीं कराया गया। इससे यहां अध्ययनरत विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय प्रशासन के समक्ष अपनी समस्याओं, सुझावों और मांगों को रखने का कोई वैध, प्रभावी और औपचारिक मंच उपलब्ध नहीं हो पाया है। छात्रों का कहना है कि जब तक उनका कोई अधिकृत प्रतिनिधि नहीं होगा, तब तक वे विश्वविद्यालय स्तर पर अपने अधिकारों और हितों की रक्षा मजबूती से नहीं कर पाएंगे। कुछ माह पूर्व छात्र संघ चुनाव कराये जाने को लेकर सक्रियता भी बढ़ी...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.