पटना, मई 20 -- पटना के कैब और टैक्सी चालक ईंधन के बढ़ते खर्च, करों का बोझ और कंपनियों के भारी भरकम कमीशन की वजह से आर्थिक तंगी झेल रहे हैं। वे हर दिन दूसरों को मंजिलों तक पहुंचाते हैं, लेकिन खुद जीवन की राह तलाश रहे हैं। जिस कंपनी के प्लेटफॉर्म से जुड़कर वे काम करते हैं, वहां मेहनत के अनुरूप सुविधाएं नहीं हैं। चालकों का कहना है कि पटना में कैब कंपनियों का कोई कार्यालय भी नहीं है, जहां ये अपनी शिकायत कर सकें। ऑनलाइन शिकायत करने पर कोई सुनवाई नहीं होती है। वे इसी माहौल में काम करने को मजबूर हैं। वे चाहते हैं कि कंपनियां अपना स्थानीय कार्यालय खोले, जिससे चालकों के साथ-साथ ग्राहक भी अपनी शिकायत दर्ज करा सकें। आज 'बोले पटना अभियान में पढ़ें कैब और टैक्सी चालकों की समस्याओं के बारे में। पटना की सड़कों पर दिन-रात दौड़ती टैक्सियां और कैब केवल सवा...
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