देवरिया, अप्रैल 22 -- देवरिया। एचआईवी मरीजों की जांच को जिला मुख्यालय पर वर्ष 2005 में जांच व परामर्श केन्द्र खुला। जिले में बढ़ती एचआईवी मरीजों की संख्या को देख वर्ष 2008 में जिला मुख्यालय के अलावा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर भी एचआईवी, एड्स की जांच और परामर्श के लिए केन्द्र खोल दिए गए। वहां पर लैब टेक्निशियन और परामर्शदाता की तैनाती गई और सभी केन्द्रों पर गर्भवती की एचआईवी जांच अनिवार्य कर दिया गया। इस बीमारी से लोगों को जागरुक करने के लिए सीएमओ ऑफिस में जिला एड्स नियंत्रण एवं रोकथाम इकाई का गठन किया गया। जगह-जगह जांच केन्द्र खुलने से जिले में एचआईवी मरीजों की पहचान भी ज्यादा से ज्यादा होने लगी। मगर इन मरीजों से रोज-रोज रूबरू होने वाले एचआईवी कार्यक्रम से जुड़े संविदाकर्मी आज भी काफी कम मानदेय पर कार्य करने को मजबूर हैं। संविदाकर्म...
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