देवरिया, मार्च 28 -- देवरिया। सदर तहसील न्यायालय में 150 से अधिक अधिवक्ता प्रैक्टिस करते हैं। इनमें दो महिला अधिवक्ता भी शामिल हैं। साल दर साल यहां अधिवक्ताओं की संख्या बढ़ती जा रही है, लेकिन उन्हें यहां मूलभूत सुविधाएं भी नहीं मिल पा रही हैं। उन्हें टिनशेड के नीचे बैठना पड़ता है। पीने के पानी और शौचालय का भी इंतजाम नहीं है। तहसील बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सामंत कुमार मिश्र कहते हैं कि हमें दूसरों की लड़ाई लड़ने के साथ अपनी समस्याओं से भी जूझना पड़ता है। बार की ओर से की गई शिकायतों का उच्चाधिकारी संज्ञान नहीं लेते। प्रशासन का सहयोग नहीं मिलने से टकराव की स्थिति बनती है। अधिवक्ताओं को आंदोलन तक करना पड़ता है। कई बार न्यायालयों के बहिष्कार तक स्थिति पहुंच जाती है। वरिष्ठ अधिवक्ता विनोद तिवारी कहते हैं कि जिला मुख्यालय की सदर तहसील होने के बाद भी यह...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.