जौनपुर, मार्च 19 -- माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों की समस्याएं केवल स्कूलों तक सीमित नहीं रही। वेतन से लेकर विद्यालयों में प्रयोगशालाओं की कमी को लेकर भी उनकी चिंता है। शहर की बदहाल सड़कों, जाम, स्मार्ट मीटर की मनमानी और रेलवे क्रॉसिंग की परेशानी से भी वे हैरान हैं। पुरानी पेंशन की बहाली हो, स्कूलों में ब्लैकबोर्ड की जगह स्मार्ट क्लास की व्यवस्था हो और समय से वेतन मिले तो और भी मनोयोग से शिक्षण कार्य कर सकेंगे। सवाल ये है कि जब शिक्षक, जो समाज को दिशा देते हैं, खुद बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं, तो शिक्षा और शहर दोनों का भविष्य कौन संवारेगा? कलक्ट्रेट परिसर में जुटे माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों ने 'हिन्दुस्तान के साथ चर्चा के दौरान माध्यमिक विद्यालयों में पेयजल से लेकर शौचालय और प्रयोगशाला से लेकर समय से वेतन न मिलने तक क...
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