भागलपुर, मार्च 28 -- नाचना मोर की आदत है, पर जब वह अपने पैरों की ओर देखता है तो रो पड़ता है। खेल में ऊंची उड़ान भरने का सपना देखती झाझा की ग्रामीण खेल प्रतिभाओं संग भी कुछ ऐसी ही स्थिति देखने को मिल रही है। खेल, खासकर क्रिकेट के दीवानों के सपने ऊंचे हैं। हसरत टीम इंडिया में खेलने की है। अपनी इस हसरत को अंजाम व सपनों को आकार देने को झाझा समेत पड़ोस के गिद्धौर, सोनो प्रखंडों के सुदूर ग्रामीण इलाके से रोजाना सैकड़ों बच्चे साइकिल, टोटो या फिर ट्रेन आदि से प्रैक्टिस के इरादे से झाझा प्रखंड मुख्यालय पहुंचते हैं। किंतु इन उदीयमान प्रतिभाओं को खेल में सुविधा-संसाधन भी नसीब नहीं हो पाता। जिले में क्रिकेट को अपना मिशन, एंबीशन बनाने वाली इस जुनूनी जमात में मासूम से लेकर युवा तक है। संवाद के दौरान झाझा स्थित इकलौते खेल ग्राउंड रेलवे चांदवारी मैदान पर चां...
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